Ashok Sharma
कुछ अपनी बात Something MineArchive for Ashok@Internet
एक ब्लाग यानी चिट्ठा चालू किया है
बात होगी सन 76 – 77 की एक जैन संत जी ने राम जी और सीता जी को भाई बहन बता दिया , मेरे शहर रायपुर में भारी दंगा हुआ , गोली चली , लगी मेरे एक पड़ोसी भाई साहब को , और वो भी जांघ के जोड़ में , बाल बाल बचे , महीनों बिस्तर में रहे . अभी हाल चल रहे जनभागीदारी शिक्षक धरना में , यह आंदोलन एक रैली बनी , लाठी चली शिक्षक महिलायें यानी शिक्षिकायें भी पीटी गईं . खैर संदर्भ धरना डाट इंफो है , शहर में बहुत धरने आंदोलन होते हैं , होते रहेंगे , दुनिया में भी यही स्थिति है और रहेगी , तो यह ब्लाग और ब्लूक मेरे लिये है और आपके लिये भी और दुनिया के लिये भी . एक कोशिश है धरना को समझने समझाने चर्चा बहस मुबाहसे और कहीं कुछ सार्थक हो जाये की उम्मीद में .
इंटरनेट पर श्री हनुमंत भक्त
गोस्वामी तुलसीदास रचित इस महान स्तुति को प्रस्तुत करते हुये इंटरनेट पर श्री हनुमंत भक्तों की सूची तथा विवरण यहां निरंतर करने का प्रयास है.
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर । जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥
राम दूत अतुलित बल धामा । अंजनिपुत्र पवन सुत नामा ॥
महावीर बेक्रम बजरंगी । कुमति निवार सुमिति के संगी ॥
कंचन वरन विराज सुवेसा । कानन कुंडल कुंचित केसा ॥
हाथ बज्र औ ध्वजा विराजै । काँधे मूँज जनेऊ साजै ॥
शंकर सुवन केसरीनंदन । तेज प्रताप महा जग बंदन ॥
विद्यावान गुनी अति चातुर । राम काज करिबे को आतुर ॥
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया । राम लखन सीता मन बसिया ॥
सूक्ष्म रूप धरि सियहीं देखावा । बिकट रूप धरि लंक जरावा ॥
भीम रूप धरि असुर सँहारे । रामचंन्द्र जी के काज सँवारे ॥
लाय सजीवन लखन जियाये । श्री रघुबीर हरषि उर लाये ॥
रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई । तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई ॥
सहस बदन तुम्हरो जस गावैं । अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं ॥
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा । नारद सारद सहित अहीसा ॥
जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते । कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते ॥
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा । राम मिलाय राज पद दीन्हा ॥
तुम्हरो मंत्र विभीषन माना । लंकेश्वर भय सब जग जाना ॥
जुग सहस्त्र जोजन पर भानु । लील्यो ताहि मधुर फल जानु ॥
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं । जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं ॥
दु्र्गम काज जगत के जेते । सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते ॥
राम दुआरे तुम रखवारे । होत न आज्ञा बिनु पैसारे ॥
सब सुख लहैं तुम्हारी सरना । तुम रच्छक काहू को डर ना ॥
आपन तेज सम्हारो आपै । तीनों लोक हाँक तें काँपै ॥
भूत पिसाच निकट नहिं आवै । महावीर जब नाम सुनावैं ॥
नासै रोग हरै सब पीरा । जपत निरंतर हनुमत बीरा ॥
संकट तें हनुमान छुड़ावै । मन क्रम वचन ध्यान जो लावै ॥
सब पर राम तपस्वीं राजा । तिन के काज सकल तुम साजा ॥
और मनोरथ जो कोइ लावै । सोइ अमित जीवन फल पावै ॥
चारों जुग परताप तुम्हारा । है परसिद्ध जगत उजियारा ॥
साधु संत के तुम रखबारे । असुर निकंदन राम दुलारे ॥
अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता । अस बर दीन जानकी माता ॥
राम रसायन तुम्हरे पासा । सदा रहो रघुपति के दासा ॥
तुम्हरो भजन राम को पावै । जनम जनम के दुख बिसरावै ॥
अंत काल रघुबर पुर जाई । जहाँ जन्म हरि भक्त कहाई ॥
और देवता चित्त न धरई । हनुमत सेइ सर्ब सुख करई ॥
संकट कटै मिटै सब पीरा । जो सुमिरैं हनुमत बलबीरा ॥
जै जै जै हनुमान गोसाईं । कृपा करहु गुरू देव की नाईं ॥
जो सत बार पाठ कर कोई । छूटहीं बंदि महा सुख होई ॥
जो यह पढै हनुमान चलीसा । होय सिद्धि साखी गौरीसा ॥
तुलसीदास सदा हरि चेरा । कीजै नाथ हृदय मँह डेरा ॥
Happy Diwali
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May this Diwali bring the best of all world to you.
Best wishes on victory of light over dark.
Happy festival of light happy divali
Happy Dashahara
Happy Dashahara (Dussehra or Dussehara or Dasian or Dasera or Dusera / Vijaya Dasami)to all
जगराता श्रध्दा जसगीत
भारतीय संस्कार और श्रध्दा जो आम घरों में बसती है , उसका उदाहरण है देवी जसगीत कार्यक्रम का वीडियो , छत्तीसगढ़ी जसगीत Chhattisgarhi Jasgeet
यह सब कर रही है युवा पीढ़ी
आम लोग आम परिस्थित सामान्य साधनो से सम्पन्न यह कार्यक्रम स्तुत्य है
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हिन्दुस्तान और एशिया की होगी 21वीं सदी – डॉ. रमन सिंह
छत्तीसगढ़ के हर जिले में कम से कम एक तकनीकी शिक्षा केन्द्र जरूर होगा – डॉ. रमन सिंह
जब तक कृष्णराज सागर में पानी रहेगा और वृन्दावन उद्यान के फौव्वारे चलते रहेंगे तब तक स्वर्गीय श्री मोक्षगुण्डम् विश्वेश्वरैया को कोई भूल नहीं सकता – डॉ. रमन सिंह
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